बुधवार, 18 जनवरी 2012

दहेज़ एक महादानव है ....


दहेज़ एक महादानव है , जो की हमारे भारतीय समाज को निगल चूका है | और इसे हम जितना भी नकारे ये कालिख की तरह हमारे समाज से चिपका हुआ है | इसके कारण हफ्ते -दर -हफ्ते हो रहे नये दहेज़ उत्पीड़न के मामले आये दिन, टी.वी न्यूज़ में या न्यूज़ पेपरों में आते रहते है | क्या ये हमारे समाज का अंग है ? यदि है , तो ऐसे अंग से अंगभंग होना ही उचित है और भले इससे हमारी शादियाँ भी विदेशियों की तरह निरस क्यों ना हो जाये | अगर हम हमारी भारतीय परम्पराओं को भी त्यागकर , इस दहेज़ नामक महादानव से मुक्ति पायेगे तो हम इसके लिए भी तैयार है | दहेज़ मुक्त समाज एक काल्पनिक समाज सा लगता , क्योकिं शादी में वधु पक्ष द्वारा वर पक्ष को दिया गया उपहार दहेज़ की श्रेणी में है और उपहार देना तो  भारतीयों की परम्परा है | और इसका विरोध ना कर हमे दहेज़ मुक्त समाज बनाने के लिए जनचेतना शुरू करनी होगी |

मैं एक नारी हूँ, इसलिए एक नारी की पीड़ा को भलीभाती समझ सकती हूँ | ' दहेज़ उत्पीड़न ' की घटनाएँ मुझे भी निराशा से भर जाती है | आखिर मैं ये सवाल करती हूँ , की भारतीय समाज में कन्यादान असल में धन देकर अपनी समस्याओं से छुटकारा पाना तो नहीं ?? क्या भारतीय पिता ये सोचता है की अगर धन से दहेज़ मांगने वाले लालचियों का पेट भर देते है , तो वो कभी -भी उनकी बेटियों को प्रताड़ित नहीं करेगे | मुझे तो ऐसा नहीं लगता है , जो लोग इस प्रकार की मानसिकता रखते है वे पैसे की थोड़ी या अधिक पूर्ति से कभी संतुष्ट नहीं होने वाले बल्कि उनकी भूख और भी बड़ जाएगी | वर्तमान में हुई घटनाओं से कुछ ऐसा ही लगता है , जहाँ मोटी धनराशि देने के बाद भी लड़कियों को जला दिया गया |

इसलिए सभी माताओं , पिताओं और भाइयों से मेरा अनुरोध है की इस दानव को अपने घर ना आने दे | और इस सच्चाई को जाने की कोई भी रिश्ता जो दहेज़ की डोर से बंधता है , असल में वो पैसे की डोर होती है | जो जल्द ही टूट जाती है , इसलिए अपनी बहन या पत्नी का जीवन बर्बाद ना करे | अपने घर तथा पड़ोसियों के बीच भी ये बात रखे की दहेज़ ना ले और ना दे ....

6 टिप्‍पणियां:

  1. सरल किन्तु सशक्त विचार प्रस्तुती लिली जी बहुत ही अच्छी बात का आभास आपने पुन : दिलाया आपने, इसी तरह लिखती रहे ..जय हिंद .जय भारत माँ

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  2. achhi baat kahi hai Dahej dena aur lena dono galat hai lalchi log hi dahej lete hai unko ye baat samjhni chahiye aur isko rokna toh hamara kartavya hai mujhe nafrat hai dahej aur bhi bahot sari baate jo galat hai......

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  3. अर्थपूर्ण सन्देश लिए पोस्ट.... सच में हालात बेहद अफसोसजनक हैं......

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    1. आगामी शुक्रवार को चर्चा-मंच पर आपका स्वागत है
      आपकी यह रचना charchamanch.blogspot.com पर देखी जा सकेगी ।।

      स्वागत करते पञ्च जन, मंच परम उल्लास ।

      नए समर्थक जुट रहे, अथक अकथ अभ्यास ।



      अथक अकथ अभ्यास, प्रेम के लिंक सँजोए ।

      विकसित पुष्प पलाश, फाग का रंग भिगोए ।


      शास्त्रीय सानिध्य, पाइए नव अभ्यागत ।

      नियमित चर्चा होय, आपका स्वागत-स्वागत ।।

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  4. ....अफसोसजनक हैं


    संजय भास्कर
    आदत....मुस्कुराने की
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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